जमीनी धरती के बीच में चुपके से सांस
एक शांत सेती की तरह धरैं और झील के किनारे बैठकर सोने वाले हरिशंकर, जहाँ पानी की धड़खड़ाहट धीमी सांसों की तरह लगती है। सूरज की आखिरी किरणें पानी पर चमकती हुई हवा के साथ मिलकर एक धीमी धुंध उत्पन्न करती हैं, जबकि पक्षी और झील के किनारे घूमकर रात के सपनों की ओर ले जाते हैं। यह धीमी धड़कन ठीक उसी तरह है जैसे आप सपनों में डूबे हुए हैं, जहाँ हर सांस आपको और गहराई में ले जाती है।
Coral-b
Muffle-a
Brook 2-b
Creek 1-b
Fountain-a
Bubbles 1-a
Lake Waves-a
Water Birds-a
Ocean Breath-b








