रात की गहरी साँस

जब आंखें बंद होती हैं, करीबी मेंढकों की देही पुकार आपको पानी के किनारे खींच लेती है - जैसे कोई पुरानी याद हाथ में पकड़कर धीरे साँस दे। जींगूड़ों की धीमी लय जैसे रात का दरिया बह रही हो, सब चीज़ों को धीला कर देती है। यह रात तनाव को भूला देती है, दिमाग समझ जाने वाला है कि अब कोई दौड़ नहीं - बस पानी, साँस, और खुशियों की धूप। जैसे दिन भर की थकान को कोई पुराना दोस्त सहला रहा हो।

#animal
Dolphin-a
Crickets-b
Frog Close-a
India·

More soundscapes