सांझ की फुहार में ट्रेन की धुन / Train's Tune in Evening Drizzle
सांझ के धुंधलके में एक ट्रेन धीरे-धीरे गुजरती है, उसकी लयबद्ध धड़कन बारिश की महीन बूंदों के साथ घुलमिल जाती है। ट्रेन के अंदर की गूँज दूर से आती हुई सी लगती है, जैसे ध्यान की गहराई से उठती आवाज़। बारिश की फुहार पत्तियों पर टपकती है, एक कोमल ताल बनाती हुई। यह न्यूनतम ध्वनियाँ मन को शांत करती हैं, ध्यान और श्वास की साधना के लिए आदर्श पृष्ठभूमि रचती हैं। / In the hush of dusk, a train rolls slowly by, its rhythmic pulse weaving through fine threads of rain. The muffled interior hum feels distant, r
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