शाम की हल्की सांसें बेंगलुरु

जब धुंध और शाम की सर्दी ने बेंगलुरु के उपवास को लपेट लिया, तो हर पत्ता अपनी याद की गीत की तरह सरसराता है। जैसे-जैसे बेंगलुरु के पुराने बनाना पेड़ों की शाखाएं हल्की गहरी हवा के साथ झूलती हैं, वे एक नरम बर्फरीर ड्रोन की तरह गूँजती हैं जो गहरा और गर्म रहता है। इन सांसों के बीच एक पुरानी घण्टी की आवाज़ आती है जो एक पुराने मंदिर से लगती है—एक नरम, दीर्घ आवाज़ जो सारे मोहरा को समाप्त कर देती है। आपके आसपास के जानवर और पक्षी इसे सुनते हैं जबकि एक नरम संगीत की धुन धीरे-धीरे घुमती है। आप आराम कर रहे

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Crickets-a
Deep Wind-a
Tree Wind-b
Wind Bell-a
Grass Wind-a
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India·

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