शाम की घंटियों लहर
जैपुर के बादलों से ढके शाम के समय, मंदिर की घंटियों की एक नरम लहर उठती है जो बारिश में घुलते पेड़ों की छाँव में गूँजती है। बांस की झंकार वाले मंदिर की घंटियों की आवाज़ धीरे से एक सुर में बदलती है, जबकि दिल की धड़कन और एक एक बार गूँजने वाले घंटे की आवाज़ सांसों के साथ मिलकर एक सुकून भरा स्थल बनाते हैं। यह सुर उन्हें आत्मा की शांति और गहरी ध्यान की ओर ले जाता है।
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